बौद्धिक शैक्षिक समिति, भारत
(01/01/01/39107/22)
103, पार्कसिटी, कटारा हिल्स, भोपाल 462043
INTELLECTUAL EDUCATIONAL SOCIETY, INDIA
103, Park City, Katara Hills, Bhopal 462043
Email: motimastana.355@rediffmail.com
नया काम नया परिवेश
आपका सिर्फ एक निवाला... पर्याप्त है... समाज के सर्वांगीण विकास के लिये....
प्रिय दोस्तों, सादर अभिवादन,
आप जानते हैं कि आप क्या कर सकते हैं? बस, अपने पर भरोसा कीजिये... You know what you can do? Just trust yourself....
व्यक्तिगत उन्नति से समाज की उन्नति नही आँकी जा सकती, भले ही आप पढ़-लिख कर शिक्षित हो गये, सरकारी सेवक बन गए, आर्थिक रूप से सम्पन्न हो गये, बंगला-गाड़ी के मालिक हो गये, अच्छे स्वास्थ्य के धनी बन गये और साथ में समाज में प्रतिष्ठित भी हो गये। इतना होने के बाद क्या आपने कभी पीछे मुड कर देखा है कि :-
- आपका भाई अशिक्षित रह गया है, उनके बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं,
- आपके अन्य भाई-बंधु रोजगार के लिए दर दर भटक रहे है,
- आपके भाई शहरों में झोपड़ी-बस्ती में रहने को मजबूर हैं, फिर भी कभी कभी आपसे मिलने की आशा में लोकल-बस, टेम्पो में धक्के खाते हैं,
- आपके, अपनों के यहाँ कोई न कोई हमेशा बीमार पड़े रहते हैं,
- आपके, अपने भाई थोड़े-बहुत मजदूरी करके अपने बच्चों का ब-मुश्किल पेट भर रहे हैं और इन विषमताओं के चलते वे देशी दारु की बोतल गटकते हुए अपने गम को कम करने की कोशिश में लगे हुए हैं,
- अशिक्षित होने की वजह से आपके-अपने अन्धविश्वास और पाखण्ड के दल दल में फंस कर रह गए हैं और भी बहुत से कारण है, जिनसे उबरकर उन्हें अपने उज्जवल भविष्य की कोई मंजिल दिखाई नही दे रही है, वे जिस माहोल में पैदा होते हैं, उसी वातावरण में ही समय से पहले मर जाते है और छोड़ जाते हैं, गुमनामी के दलदल में अपने परिवार को जीने के लिए।
अब आप स्वयं ही बताएं कि आपकी शान-शौकत, प्रतिष्ठा किस काम की, क्या आपके मन में अपने-अपनों के उद्धार के लिए कोई पीड़ा नही उठती ? आपको नही लगता कि आपके लोग भी आपके बराबर स्तर के हो जाएँ। जब आप अपनों की तरक्की के लिए काम करने की सोचेंगे तो निश्चित ही समाज को भी प्रतिष्ठा पाने में ज्यादा समय नही लगेगा। बस इसके लिए कठोर इच्छा शक्ति और अपनों के लिए कुछ कर गुजरने की मनोभावना की जरुरत है। यही सच्ची भावना आपके अपनों के लिये समाज सेवा कहलाएगी। इन्ही समस्याओं के निराकरण के लिए "बौद्धिक शैक्षिक समिति" (Intellectual Educational Society) तत्पर है।
समय तेजी से परिवर्तित हो रहा है, यह नियति का नियम है। जो समय के अनुसार नही चलता उसे हानि उठानी पड़ती है। यह सभी जानते हैं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के त्याग और उनके द्वारा दिये गए संवैधानिक अधिकारों के कारण बहुजन समाज ने बहुत तरक्की की है। किन्तु वर्तमान समय में संविधान में दिये जा रहे अधिकारों पर ग्रहण लगता जा रहा है। सब जगह निजीकरण हो रहा है, सरकारी सेवाओं में, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात के क्षेत्र में आदि। आप को यह भी जानना होगा कि दिन ब दिन शिक्षा का निजीकरण भी होता जा रहा है। इससे शिक्षा अत्यधिक महंगी होती जा रही है जिसके परिणामस्वरूप बहुजन समाज के गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित होते जा रहे हैं।
आने वाले समय में ज्यादातर बच्चे अनपढ़ ही रह जाएंगे और अनपढ़ों की हालत तो आप सभी जान सकते हैं। यदि नहीं जानते हैं तो, अपनी पहले की तीन-चार पीढ़ियों का इतिहास खोज कर देख लीजिये, जिनके तन पर कम कपड़े, रहने के लिये टूटे-फूटे मकान, जिसको झोपड़ी कहना ठीक होगा, खाने के लिये थोड़ा-बहुत अन्न, वह भी उच्च वर्ग के रहमों-कदम और उनकी गुलामी करने पर नसीब हुआ करता था।
क्या आप चाहेंगे कि आपकी आने वाली पीढ़ियाँ खुशहाल, स्वाभिमानी और आर्थिक रूप से सुखी-सम्पन्न बनी रहे ? यदि हाँ, तो यह तभी हो सकता है जब आप अपने खाने की थाली से एक निवाला अपने कमजोर भाइयों के लिये बचा कर रख सकें। एक निवाले का मतलब अपने आर्थिक सहयोग से अपनी स्कूलें बनवाकर गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने की दिशा में, सकारात्मक सोच पैदा करना। ताकि हमारा समाज पूर्ण रूप से शिक्षित हो जाये, जो कि अभी 18% शिक्षित ही है। पूर्ण शिक्षित हो जाने पर वह अपनी योग्यता के अनुसार स्वयं का सम्मान जनक रोजगार भी प्राप्त कर लेगा।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए आपकी अपनी "बौद्धिक शैक्षिक समिति" शिक्षा और रोजगार पर जन सहयोग से कार्य करने के लिये तत्पर है। प्रदेश में एक ऐसी स्कूल जिसमें, उच्चतम गुणवत्ता, विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार शिक्षा, नो प्रॉफ़िट नो लॉस पर आधारित, विद्यालय के आप खुद मालिक, विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए आवसीय कैम्पस, विद्यार्थियों को बाहरी शिक्षा संस्थाओं से कोचिंग से छुटकारा, सहयोगी सदस्यों के लिए रोजगार की व्यवस्था और भी बहुत कुछ प्रावधान होगा।
तो आइये, देर किस बात की, अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दीजिये और अपने तन-मन-अनुभव से बहुजन हित के काम को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाते हुए अपने आप को गौरवान्वित महसूस कीजिये। हम विकसित हमारे-अपने विकास के रास्ते पर" अधिक जानकारी के लिये कृपया किसी भी मोबाइल नंबर से संपर्क कर सकते हैं।
"बौद्धिक शैक्षिक समिति, भारत
- एक पारदर्शी संस्था", कृपया सहयोग करें
सोसायटी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र

पंजीकरण क्रमांक: 01/01/01/39107/22 • दिनांक 19 अक्टूबर 2022
Bank Details
BAUDHIK SHAIKSHIK SAMITI
कृपया सहयोग करें • Please Support
Committee Contacts
- श्री एम. एल. गंगोरे, संस्थापक अध्यक्ष - 9406900103
- श्री हेमलाल खेलवाल, उपाध्यक्ष - 8962742427
- प्रो. डॉ. योगेंद्र कुमार, सचिव - 8959662996
- श्रीमति सुषमा बेदुये, सहसचिव - 9407871344
- श्री हेमराज सोनवरसे, कोषाध्यक्ष - 8120544742
- श्री शिवचरण मंडराई, कार्यकारिणी सदस्य - 8085814405
- श्री किशनलाल करवाड़िया, कार्यकारिणी सदस्य - 9826323868
समिति के मार्गदर्शक
Guides of the Committee
बिना स्वार्थ और पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने वाले हमारे प्रमुख सदस्य।
Our core members working selflessly and with complete dedication.
समाज सेवा में वर्षों का अनुभव।
Years of experience in social service.
समाज और युवाओं के लिए निरंतर प्रयासरत।
Constantly working for society and youth.
कार्यक्रमों और गतिविधियों का कुशल संचालन।
Efficient management of events and activities.
समिति के वित्तीय कार्यों का प्रबंधन।
Management of the committee's financial work.



